अध्याय 176

उसने सिर हिलाया और उसका हाथ अपने दिल पर रख दिया। “लेकिन मैं खुद को बहकाावे से रोक सकता हूँ। और जो औरतें खुद ही मुझ पर गिरने को तैयार हों, उनमें मेरी कोई दिलचस्पी नहीं।”

इस बात ने लैला के भीतर ढेरों यादें जगा दीं, और उसका चेहरा और ठंडा पड़ गया।

उसने होंठों के कोने को हल्का-सा खींचा। “सच में? लेकिन ...

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